कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

दिसम्बर 1, 2007

मुझको उनसे प्यार बहुत है


मुझको उनसे प्यार बहुत है,
शहर मे ये तकरार बहुत है,

आंखे जैसे फूल कवल का,
चेहरा उनका रूप ग़ज़ल का,
जुल्फों की मेह्कार बहुत है,
मुझको उनसे प्यार बहुत है,

चाँद भी देखे तो शरमाये,
तारों को भी नींद न आये,
एक उनका दीदार बहुत है,
मुझको उनसे प्यार बहुत है,

मेरी सारी शौहरत ले लो,
दुनिया भर की दौलत ले लो,
मुझको मेरा यार बहुत है,
मुझको उनसे प्यार बहुत है,

Lyrics: Zahid
Singer: Jaswinder Singh

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नवम्बर 29, 2007

दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो


दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,

हाथ न आए, हाथ न आए,
हाथ न आए, वो आँचल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,

नूर मे डूबा, नूर मे डूबा,
नूर मे डूबा ताजमहल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,

रूप सलोना, रूप सलोना,
रूप सलोना, नीलकवल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,

Lyrics: Nadeem Parmar
Singer: Jaswinder Singh

आ तुझे दोस्त जान-ऐ-दिल कह दे


आ तुझे दोस्त जान-ऐ-दिल कह दे,
आ तेरे नाम एक ग़ज़ल कह दे,

सोचता हूँ के तेरी आंखो को,
झील कह दे या फिर कवल कह दे,

लब पे हल्की सी मुस्कुराहट को,
जिन्दगी कह दे या अजल कह दे,

इस तेरे पाक से बदन को नदी,
गंगा कह दे या गंगाजल कह दे,

Lyrics: Nadeem Parmar
Singer: Jaswinder Singh

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